Wednesday, 9 November 2016

कृपया नोट तुरंत बदलवाने के चक्कर में हबड़ा तबड़ी ना मचाएं!

कृपया नोट तुरंत बदलवाने के चक्कर में हबड़ा तबड़ी ना मचाएं! सबको पता है की आप बैग लेकर बैंक की तरफ ही जा रहे हैं. छीना झपटी की वारदात हो सकती है!

मोदी जी के दिए 50 दिन है आपके पास, अपने अकाउंट में पैसा जमा करवा दें फिर नए नोट चलेंगे ही ।

ऐसे ही सब बंद नहीं हो जाता ।

कृपया इस फैसले पर
इंडियन करेंसी की मजाक ना बनाये
देख रहा हूँ के कल रात 8 बजे से  लोगो को बहुत से लोग नोटों पे मजाक ही लिख रहे है और सबको वही भेज रहे हैं।

लक्ष्मी ने अपना रूप बदला है स्वाभाव नहीं । हमारी संस्कृति में लक्ष्मी जहाँ भी वास करती है उसकी पूजा की जाती है अपमान नहीं किया जाता ।

आज भले 500 और 1000 के जो नोट आपके पास है वोह किसी काम के ना हो पर इन्ही को बैंक और सरकार को देने के बाद आपके पास लक्ष्मी पुनः नए अवतार में वापस आएगी।

जिस की 9 दिन पहले पूरी रात पूजा की थी। आज उसी नोटों के साथ बदस्लुकि की जा रही है।

और उस पे भदे कमेंट और मेसेज बनाये जा रहे हैं।

मेरी आप सब से हाथ जोड़ के विनती है की कृपया ऐसा ना करे और सरकार का और जनता का इस राष्ट्र हितेषी कार्य में, इस ईमानदारी के उत्सव में आगे आकर साथ दें ।
जय हिन्द जय भारत

HISTORY OF AKHIL BHARATIYA VIDYARTHI PARISHAD

AKHIL BHARATIYA VIDYARTHI PARISHAD

In the wake of Independence, keeping in the mind the pride and glory of the traditions of aeons, the entire country dreamt of making our Nation a modern and developed one, freed from all circumstantial impediments and drawbacks. In order to realize this dream, certain youth imbued with such conviction commenced on a movement, centered in the college and University campuses across the country. A national forum of these activities was formalized and registered on the 9th July, 1949, in the form of a student organization – THE AKHIL BHARATIYA VIDYARTHI PARISHAD (ABVP).

As our country was freed from the shackles of colonialism, an opportunity for inclusive, holistic development arose. A pall of gloom had descended on the potential excellence of the country due to centuries of foreign domination and subjugation. It is at this point of time that a student organization like the ABVP got established in our country, which, inspired by the great culture and traditions of the world’s oldest civilization, wanted to reconstruct India into a powerful, prosperous and proud Nation, committed as it was, to the grand notion of placing Her at the upper echelons of the global comity of Nations.

ABVP, with the aim of national reconstruction, commenced its multi-dimensional and multifarious activities as a nationwide student organization, touching every aspect of the societal spectrum. This student organization, which has immense faith in the latent strength of the entire educational fraternity, believes in coordinating and directing contemporaneous responsibilities of students towards constructive activities, staying above partisan politics and looking at every issue with a progressive lens. The ABVP strongly favours placing to the student, the idea of the keeping the Nation above everything else. It was this reason that the ABVP, for the past years of its formal existence, has consistently directed all its programmes, movements, demands and every sort of constructive activity towards the goal of National Reconstruction. There can be several ways of working with many and varied aims and objects in this country, but the ABVP, rising above parochial interests, had provided one, which was aptly captured in the title to the achievements to commemorate 50 years of its activities in 2009 as “ABVP 60 YEARS – A Movement for the Nation”.

Sunday, 6 November 2016

२३ नवम्बर, चलो लखनऊ ! उ०प्र० की शिक्षा में सुधार के लिए

२३ नवम्बर, चलो लखनऊ !
उ०प्र० की शिक्षा में सुधार के लिए                                       
      "छात्र हुंकार रैली"
                                                                  हमें चाहिए सस्ती शिक्षा;
लेकिन हो पूरी गुणवत्ता।

शिक्षा जीवन के लिए;
जीवन वतन के लिए।

शिक्षा में संस्कार चाहिए;
नैतिकता का आधार चाहिए।

शिक्षक-छात्रों का अनुपात;
ठीक हो, तब गुणवत्ता आए।
व्यापारीकरण बन्द हो;
तब गरीब भी शिक्षा पाए।

शिक्षा का व्यापारीकरण;
बन्द करो -- बन्द करो।

छात्रसंघ बनें लोकतंत्र की प्रशिक्षणशाला;
ठीक करो --- पुस्तकालय , प्रयोगशाला ।

सु प्रभात
आप का दिन मंगल हो

छात्र हुंकार रैली

  

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद उत्तर प्रदेश 23 नवम्बर 2016 को एक विशाल रैली का आयोजन लखनऊ में करने जा रहा है.  रैली की प्रमुख मांगें निम्नलिखित हैं-

■ स्नातक में 50 प्रतिशत परास्नातक में 20 प्रतिशत सीटों की वृद्धि हो तथा सांध्यकालीन कक्षाएं प्रारम्भ हों.

■महाविद्यालय/ विश्वविद्यालय में छात्र संघ चुनाव हो.

■ प्रवेश विवरणिका का मूल्य लागत मूल्य के सापेक्ष निर्धारण हो.

■ समस्त प्रवेश परीक्षाओं की पारदर्शिता सुनिश्चित की जाये.

■ स्ववित्त पोषित माध्यमिक/डिग्री व अन्य व्यवसायिक पाठ्यक्रमों की समान शुल्क सरंचना एवं स्वीकृतमानक पूरे हो.

■ एस.सी./एस.टी., ओबीसी तथा मेधावी छात्रों की छात्रवृति में वृद्धि.

■ शैक्षिक संस्थानों में रिक्त पदों पर नियुक्तियाँ तत्काल हो.

■ कालेजों के सफल संचालन हेतु सरकारी अनुदान.

■ प्रत्येक वर्ष पी.एच.डी. प्रवेश परीक्षा हो एवं पी.एच.डी. हेतु प्रत्येक वर्ष रजिस्ट्रेशन हो.

■ बस किराए में 50 प्रतिशत छूट.

■ टाॅपर छात्रों की उत्तर पुस्तिका की फोटोस्टेट काॅपी पुस्तकालय में रखी जाए.

■ 180 दिन पढाई, एक माह में परीक्षा, एक माह बाद परीक्षाफल.

■ सस्ती सरल एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा हो.

■ शिक्षा को रोजगारपरक बनाये.

■ स्थानीय उद्योगों की जरूरत के अनुसार पाठ्यक्रम.

■ स्ववित्त पोषित महाविद्यालय के कारण बोझ बढ रहा है अतः इनके लिए हर 300 पर विश्वविद्यालय हो.

■ इण्टर तक छात्राओं  को निशुल्क शिक्षा दी जाए.

■ जिला मुख्यालय पर महिला छात्रावास खोले जाएं.

■ महाविद्यालयों एवं विश्वविद्यालय में वुमेन डेवलपमेंट सैल बनाया जाए.

■ खेल एवं स्पोर्ट्स को बढावा देने के लिए स्पोर्ट्स विश्वविद्यालय और खोले जाने चाहिए.

■ मूल्यांकन प्रक्रिया आनलाइन किया जाए.

■परीक्षा परिणाम व प्रवेश प्रणाली की सुचिता बनाये रखने के लिए सिंगल विंडो प्रणाली लागू की जाए एवं यह प्रक्रिया आनलाइन की जाए.

■ विश्वविद्यालय परिसर एवं महाविद्यालय परिसरों में प्लेसमेंट सैल बनाया जाये एवं प्रभावी किया जाये.

■  योग को माध्यमिक शिक्षा, महाविद्यालय, विश्वविद्यालय में अनिवार्य विषय बनाया जाये.

■ विश्वविद्यालयों में प्रवेश परीक्षा के लिए एक कामन प्रवेश परीक्षा होनी चाहिए.

■ शिक्षकों की नियुक्ति के लिए एकादमिक परफॉर्मेंस सूचकांक (API) हो लेकिन शैक्षिक गुणवत्ता में गिरावट न हो इसलिए प्रोन्नतियों में API नहीं होना चाहिए.

■ विश्वविद्यालय का पाठ्यक्रम भारतीय समाज की आवश्यकताओं के अनुरूप उच्चीकृत एवं मानकीकृत किया जाए.

■ इण्टर तक कम्प्यूटर शिक्षा अनिवार्य हो.

          अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद

Saturday, 5 November 2016

अब भारत के लोगो को जागने की जरूरत है

जब हम कसाब के लिये फाँसी माँग रहे थे तब उम्मीद थी तुम साथ आओगे..पर तुम इसे संघ की साजिश बता रहे थे।
जब हम दादरी पर तुम्हारे साथ खड़े थे तो लगा तुम भी डॉ नारंग पर साथ आओगे..पर तुम इसे महज रोड रेज बता रहे थे।
जब JNU में लगे भारत के टुकड़े करने के नारे लगा खुन खौलेगा तुम्हारा भी..पर तुम इसे बोलने की आजादी बता रहे थे।

लौट रही थी जब लाशें सैनिकों की रोज कश्मीर के आतंकीयों की गोली से छलनी हो कर लगा तुम भी आँसू बहाओगे ...पर तुम पैलेट गन बंद करो पुकार रहे थे।

जब देश रो रहा था उरी के अठारह जवानों की शहादत पर लगा लगा नम होगी तुम्हारी आँखे अब तो..पर तुम इसे मोदी को कोसने का मौका समझ जश्न मना रहे थे।

जब घुस मारा सेना ने सर्जिकल स्ट्राइक से लगा कहोगे वाह मेरे देश के जवानों फक्र है तुम पर..पर तुम सबुत दो सबुत दो चिल्ला रहे थे।

मार दिया फर्जी ही सही एनकाउंटर में उन 8 को जो भाग कर फिर से छलनी करते हमें , हमें लगा मजहब भुलाकर पुलिस की पीठ थपथपाओगे..पर तुम सिर्फ फर्जी फर्जी चिल्ला रहे थे।

ये भारत की गंदगी है प्यारे
यहाँ दुश्मनों की गोलियां खाकर शहीद होने वाले को कोई नहीं पूंछता
सल्फास की गोलियां खाने वाले को 1 करोड़।

    अब भारत के लोगो की जागने की जरूरत है

शाहजहांपुर स्वास्थ्य विभाग व शिक्षा से संबंधित विषयों पर जिलाधिकारी को संबोधित ज्ञापन

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद शाहजहांपुर के कार्यकर्ताओं ने प्रदेश सह मंत्री सौरभ सोमवंशी  के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग व शिक्षा से संबंधित विषयों पर जिलाधिकारी को संबोधित ज्ञापन उपजिलाधिकारी को दिया इस अबसर पर प्रदेश सह मंत्री सौरभ सोमवंशी ने कहा कि जिला अस्पताल में डॉक्टर  गरीब मरीजों की जेब पर डाका डाल रहे हैं अपने आवास पर मरीजों को देखते हैं फीस लेकर बाहर मेडिकल स्टोर से दवाई लिखकर कमीशन के नाम पर मोटी रकम वसूल करते हैं स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही किसी से छिपी नहीं है यदि जल्द ही समस्याओं का निस्तारण नहीं कराया गया तो विद्यार्थी परिषद होगा आंदोलन को बाध्य होंगी जिला संयोजक सत्यम ठाकुर ने कहा आज कल गली गली में चल रही जिम युवाओं को भ्रमित कर सप्लीमेंट्री के नाम पर ज़हर दे रहे स्वास्थ्य विभाग के साथ एक मजाक बनकर रह गया सप्लीमेंट्री के नाम पर युवाओं के स्वास्थ्य से खिलवाड़ कर रहे हैं जिन जिम के लोग बिना परमीशन, रजिस्ट्रेशन के चल रही है जो अवैध है इन पर प्रशासन को नियंत्रण लगाना चाहिए और वही लगातार अल्ट्रासाउंड सेंटर पर लिंग परीक्षण के नाम पर मोटी रकम वसूल की जा रही है जिले में कई अल्ट्रासाउंड सेंटर पर ये काम किया जा रहा है छात्र नेता आशीष सक्सेना ने कहा कि अवैध कोचिंग सेंटर संचालित किए जा रहे हैं जिस पर सरकारी स्कूल के शिक्षक अपने छात्रों पर दबाव बनाकर कोचिंग पढ़ने का दवाव बनाते हैं तथा शिक्षक छात्र/छात्राओं को प्रयोगात्मक परीक्षा में कम अंक देने की धमकी देते हैं जिससे छात्र छात्राएं भयभीत रहते हैं सारंग मिश्रा ने कहा कि लगातार लक्ष्य इंस्टिट्यूट द्वारा छात्रों को भ्रमित कर कम फीस पर उनके प्रवेश कर लिए जाते हैं तथा बाद में अंकपत्र रोककर मोटी रकम की धनउगाही की जाती है छात्रों का उत्पीड़न किया जाता है भ्रष्टाचार का यह आलम है कि अभी तक सीसीटीवी कैमरे नहीं लगाए गए हैं शुभम पांडे व अक्षय अवस्थी ने कहा कि कोचिंग संचालक जिला विद्यालय निरीक्षक की सह पर अवैध कोचिंग संचालित कर रहे हैं तथा कई महाविद्यालय के शिक्षक छात्रों के भविष्य बर्बाद करने की धमकी देते हैं तथा छात्रों की प्रयोगात्मक परीक्षा के नाम पर भयभीत करते हैं और 23 नवंबर को होने वाली छात्र हुंकार रैली में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ता प्रदेश के मंच पर यह मांग रखेंगे और हम दिखा देंगे कि छात्र कल का नहीं बल्कि आज का नागरिक है छात्र नेता अमन रावत ने कहा कि लगातार राजकीय कन्या इंटर कॉलेज की प्रधानाचार्य के द्वारा भ्रष्टाचार किया जा रहा है तथा कार्यवाहक प्रधानाचार्य होने के बाद भी कई वर्षों से अपने पैर कॉलेजों में जमा रखे हैं प्रशासन की मिली भगत के चलते हुए अभी तक कोई कार्यवाही नहीं की गई है लगातार कई जिला अधिकारी से शिकायत के बाद भी राजनीतिक संरक्षण के चलते कार्यवाही नहीं की गई यदि जल्द कोई कार्यवाही नहीं हुई तो सब्र का बांधा टूट जाएगा और विद्यार्थी परिषद आंदोलन को बाध्य होगी इस अवसर पर प्रमुख रूप से विशाल सक्सेना,सैम साहिल, विपिन सिंह ,शुभम पांडेय, अक्षय,अवस्थी ,अमन रावत ,अरविंद शुक्ला ,अमन सिंह ,विक्रम सिंह ,सैयद अली , सिकंदर ,सत्यम द्विवेदी ,प्रभात कश्यप, शिवम सिंह, दीपक आदि कार्यकर्ता मौजूद रहें ।।

छात्र-हुंकार रैली

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद  सम्पूर्ण भारत के विद्यार्थियो का एक देशव्यापी संगठन हैं.  इसका उद्देश्य राष्ट्रीय पुननिर्माण के व्यापक संदर्भ में छात्र-समुदाय को संगठित करके शिक्षा क्षेत्र की पुनर्रचना करना है.  विद्या अर्जन कर रही देश की युवा शक्ति संगठित एवं राष्ट्रभाव युक्त होकर परम्पराओं की नींव पर भारत के सर्वागीण विकास के लिए कटिबद्ध हो, यह  विद्यार्थी परिषद का लक्ष्य है. 

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के  करीब एक लाख छात्र 23 नवम्बर को लखनऊ में हुंकार भरेंगे। वे आने वाली सरकार को चेताना चाहते हैं कि शिक्षा की ओर ध्यान दे। छात्रों को मोबाइल आदि का लॉलीपॉप नहीं चाहिए। छात्र चाहते है कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिले।

छात्र हुंकार रैली के मद्देनजर एबीवीपी छात्रों से लगातार संपर्क कर रही है और छात्रों से  आह्वान किया गया कि वे एबीवीपी की रैली में शामिल हों और प्रदेश की शैक्षिक अव्यवस्था के खिलाफ आवाज उठाएं। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद उत्तर प्रदेश सरकार को बता देना चाहता है कि छात्र के भविष्य के साथ खिलवाड नहीं होने देंगे. आपसे पूछना चाहता है कि हमें क्या चाहिए हमें स्मार्ट फोन, लेपटॉप नहीं चाहिए.
  उत्तर प्रदेश के सभी छात्र ज्यादा से ज्यादा 23 नवम्बर को छात्र-हुंकार रैली  लखनऊ में शामिल हो.  धन्यवाद.